हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 113 स्टाफ नर्सों को वार्ड सिस्टर के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है। इस संबंध में निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हिमाचल प्रदेश द्वारा औपचारिक आदेश जारी किए गए हैं। आदेशों के अनुसार पदोन्नत अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार पदोन्नत वार्ड सिस्टर्स को शिमला, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, सोलन, सिरमौर और लाहुल-स्पीति जिलों के सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), क्षेत्रीय अस्पतालों और मेडिकल कालेजों में नियुक्त किया गया है। इन नर्सों में डीएचएस कैडर की 75 और डीएमई कैडर की 38 नर्सों को वार्ड सिस्टर पदों पर पदोन्नति दी गई है।
आदेशों के अनुसार पांच दिन के भीतर ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश जारी हुए है।
ज्वाइनिंग की समय सीमा तय
पदोन्नत अधिकारियों को आदेश जारी होने की तिथि से निर्धारित समय सीमा के भीतर यानी पांच दिन के भीतर अपने नए कार्यस्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। समय पर ज्वाइन न करने की स्थिति में पदोन्नति आदेश स्वत: निरस्त किए जाने का प्रावधान भी रखा गया है।
भत्तों का लाभ
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पदोन्नत अधिकारी नियमों के अनुसार वेतन निर्धारण के लिए विकल्प प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अलावा वे टीटीए और ज्वाइनिंग टाइम सहित अन्य अनुमन्य भत्तों के भी हकदार होंगे।
सरकार को कहा थैंक्स
हिमाचल प्रदेश स्टेट नर्सेज एसोसिएशन की अध्यक्षा सीता ठाकुर, महासचिव सुमन शर्मा व अन्य कार्यकारिणी ने प्रदेश मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का इस पदोन्नति के लिए आभार व्यक्त किया है। इस पदोन्नति को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक वर्ष से पदोन्नति प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे थे जो अब जाकर फलीभूत हुए हैं। एसोसिएशन कहना है कि सरकार के इन आदेशों से विभाग में वार्डसिस्टर की कमी भी पूरी होगी।