आखिरकार छह माह बाद कांगड़ा घाटी पर रेलगाड़ी दौड़ ही पड़ी है। पहले दिन पपरोला से कांगड़ा के बीच मात्र चार दर्जन यात्रियों ने ही सफर किया। पपरोला से जोगिंद्रनगर के लिए ट्रेन खाली ही दौड़ी। उस और रेल में यात्रा करने वालों का रुझान न के बराबर रहा। मगर छह माह बाद रेलवे ट्रैक रेलगाड़ी की छुक-छुक तो सुनाई दी। इसके चलते लोगों को आस बंध गई कि अब वह दिन दूर नहीं जब पठानकोट से बैजनाथ, पपरोला, जोगिंद्रनगर के लिए वर्षों बाद रेलवे का आगमन शुरू हो जाएगा। कांगडा घाटी में चलने वाली रेल आम गरीब के लिए वरदान से कम नहीं है। अगर आज की बात की जाए तो मात्र दस रुपए में यात्री पपरोला से कांगडा पहुंच गए। बस में चार गुना किराया खर्च करना पड़ता हैं।बरसात के चलते नहीं मिल पा रही थी जनता को सुविधा
गौर हो कि भारी बारिश के कारण पिछले छह माह से बंद पड़ी कांगड़ा घाटी रेललाइन को रेलवे विभाग द्वारा पांच दिसंबर से बहाल किया गया।
समयसारिणी
बैजनाथ पपरोला से कांगड़ा के लिए पहली रेलगाड़ी सुबह सात बजे चलेगी, जो कांगड़ा रेलवे स्टेशन पर 9:10 बजे पहुंचेगी । इसके अलावा दूसरी रेलगाड़ी दोपहर 1:20 बजे पपरोला स्टेशन से रवाना होगी, जो कांगड़ा दोपहर 3:18 बजे पहुंचेगी। जबकि कांगड़ा रेलवे स्टेशन गाड़ी सुबह 10 बजे पपरोला की और रवाना होगी और वो गाड़ी दोपहर 12:05 बजे तक पपरोला पहुंचेगी। वहीं कांगड़ा स्टेशन से गाड़ी शाम को 4:30 बजे पपरोला की और शाम को 6:35 बजे पहुंचेगी। वहीं पपरोला से जोगिंद्रनगर की और गाड़ी सुबह आठ बजे जाएगी जो सुबह 9:35 बजे जोगिंद्रनगर पहुंचेगी। यही रेलगाड़ी जोगिंद्रनगर से करीब 10:30 बजे और जोगिंद्रनगर से पपरोला 12:00 बजे पहुंचेगी ।