ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में मौजूद आतंकी एकबार फिर अपना सिर उठाने लगे हैं। पाकिस्तानी सेना और ISI की मदद से आतंकी संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा और LoC के पास 72 लॉन्च पैड तैयार किए हैं। इन लॉन्च पैडों को ‘गहराई वाले क्षेत्रों’ में बनाया गया है। इस बात का खुलासा करते हुए BSF के DIG विक्रम कुंवर ने कहा कि सरकार का आदेश मिलने पर हम दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाने को तैयार हैं।
इन जगहों पर हैं लॉन्च पैड्स
BSF DIG विक्रम कुंवर ने बताया कि पाकिस्तान के सियालकोट और जफरवाल के गहराई वाले इलाकों में लगभग 12 लॉन्च पैड्स काम कर रहे हैं, जबकि अन्य इलाकों में 60 लॉन्च सक्रिय हैं। विक्रम कुंवर ने कहा कि ये लॉन्चपैड्स स्थायी नहीं होते और आमतौर पर आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराने से पहले ही सक्रिय रहते हैं। बीएसएफ के अधिकारी ने कहा कि अभी अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक कोई भी प्रशिक्षण कैंप नहीं है।
JeM और LeT की ट्रेनिंग अब साथ-साथ
DIG कुंवर ने बताया कि पहले जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा के लोग अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय रहते थे, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकियों को मिलाकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे किसी भी समूह को मिश्रित तरीके से ट्रेनिंग लेने की सुविधा मिल रही है।
IG जम्मू फ्रंटियर शशांक आनंद ने कहा कि अगर सरकार ऑपरेशन सिंदूर को फिर से शुरू करने का आदेश देती है, तो BSF पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि BSF ने 1965, 1971, 1999 करगिल और ऑपरेशन सिंदूर जैसे विभिन्न युद्धों में अनुभव हासिल किया है और जरूरत पड़ने पर दुश्मन को पहले से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ था भारी नुकसान
वहीं, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, DIG ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जम्मू प्रांत में इंटरनेशनल बॉर्डर और LoC पर BSF की फॉरवर्ड पोस्ट को निशाना बनाने वाली 118 पाकिस्तानी पोस्ट को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि उनका सर्विलांस सिस्टम भी तबाह हो गया।