अमृतसर के फतेहगढ़ चूड़ियां रोड पर स्थित ग्रॉसरी स्टोर के मालिक से फिरौती मांगने और दुकान के बाहर फायरिंग करने के मामले में पुलिस ने अहम खुलासा किया है। इस मामले में गिरफ्तार तीन बदमाशों के साथ बुधवार को पुलिस मुठभेड़ हो गई। पुलिस इन आरोपियों को हथियार बरामदगी के लिए लेकर गई थी। मुठभेड़ के दौरान आरोपी निर्मलजोत सिंह जख्मी हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इस मामले में पहले ही निर्मलजोत सिंह, करणदीप सिंह और मनप्रीत सिंह निवासी गांव मुरादपुरा को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि ग्रॉसरी स्टोर के बाहर फायरिंग की वारदात को इन्हीं तीनों ने मिलकर अंजाम दिया था। यह पूरी साजिश मुख्य आरोपी हरविंदर सिंह उर्फ दोधी के कहने पर रची गई थी।
पुलिस के मुताबिक हरविंदर सिंह उर्फ दोधी ने अपने गांव के रहने वाले निर्मलजोत सिंह को पैसों का लालच देकर इस वारदात के लिए तैयार किया था। दोधी ने ही निर्मलजोत को हथियार मुहैया करवाए, जिसके बाद उसने अपने साथी करणदीप और मनप्रीत के साथ मिलकर ग्रॉसरी स्टोर के बाहर फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की।
इससे पहले ग्रॉसरी स्टोर के मालिक को लगातार फोन कॉल और वॉइस मैसेज के जरिए फिरौती की धमकियां दी जा रही थीं। जब पीड़ित ने फोन उठाना बंद कर दिया और कोई जवाब नहीं दिया, तो आरोपियों ने फायरिंग कर दबाव बनाने का प्रयास किया। हालांकि किसी कारणवश पीड़ित शुरुआत में खुलकर पुलिस को शिकायत नहीं दे पाया।
मामला पुलिस के संज्ञान में आते ही विशेष टीम बनाकर ट्रैप लगाया गया। इसी दौरान तीनों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद आरोपी निर्मलजोत सिंह से हथियार रिकवरी के लिए वेरका इलाके में ले जाया गया। इसी दौरान आरोपी ने पुलिस की राइफल छीनकर गोली चलाने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से भी फायरिंग की गई। जिसमें निर्मलजोत सिंह जख्मी हो गया। पुलिस पूरे नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।