हिमाचल प्रदेश में चिट्टे की तस्करी के खिलाफ राज्य सरकार और पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ा और चिंताजनक खुलासा हुआ है। जांच में यह सामने आया है कि इस अवैध कारोबार में सरकारी तंत्र के लोग भी शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, नशे की तस्करी से जुड़े मामलों में कुल 60 सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई है, जिसमें से एक महत्त्वपूर्ण संख्या 15 पुलिसकर्मियों की है। यह खुलासा हिमाचल प्रदेश में नशा-विरोधी मुहिम की गंभीरता और उससे जुड़ी चुनौतियों को दर्शाता है, खासकर जब कानून लागू करने वाली संस्था के लोग ही इस दलदल में फंसे हुए पाए जा रहे हैं। इस खुलासे के बाद हिमाचल सरकार ने तत्काल और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है। संलिप्त पाए गए पुलिस कर्मियों में से पांच को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है, जो यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार और नशे की तस्करी में संलिप्तता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अन्य संलिप्त सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई को अमल में लाया जा रहा है।