शहर के कूल रोड स्थित मशहूर अग्रवाल वैष्णो ढाबा मालिक की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। हाल ही में 18 नवंबर को सेंट्रल जीएसटी विभाग की टीम ने ढाबा मालिक नरेश कुमार के घर और ढाबे पर छापा मारा था, जिसमें विभाग को 2 करोड़ 84 लाख रुपये की नकद राशि बरामद हुई थी। टीम ने इस राशि को संदिग्ध मानते हुए टैक्स चोरी का आरोप लगाया था। जांच के दौरान जमीन, फ्लैटों और अन्य प्रॉपर्टी से जुड़े कई दस्तावेज भी कब्जे में लिए गए थे।
मिली जानकारी के अनुसार, अब इस पूरे मामले की जांच ईडी (Enforcement Directorate) भी शुरू करेगी। ED ढाबा मालिक से गहराई से पूछताछ करेगी। इस दौरान धन के स्रोत और लेनदेन को लेकर पूछताछ कर सकती है। सूत्र बताते हैं कि सेंट्रल जीएसटी अधिकारी अभी तक जांच से जुड़ी जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि अब 3 विभाग- जीएसटी, इनकम टैक्स और ईडी इस केस में मिलकर काम कर रहे हैं। जांच के दौरान ढाबे की रोजाना बिक्री और बैंक खातों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारी अधिकारियों के हाथ लगी है।
विभाग के अनुसार, ढाबा मालिक नरेश कुमार के बैंक खातों और पिछले महीनों के लेनदेन का विस्तृत रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। शुरुआती जांच में 2.84 करोड़ रुपये नकद आने का कोई मजबूत स्रोत नहीं मिला है, जिससे शक और गहरा गया है। अधिकारियों का कहना है कि कई खातों में भारी लेनदेन भी दर्ज है। इसी बीच, ढाबा मालिक की ओर से जीएसटी अधिकारियों को कुछ दस्तावेज “सबूत” के तौर पर सौंपे गए थे।
ढाबा मालिक नरेश कुमार ने 21 नवंबर को अधिकारियों को रिकॉर्ड जमा कराया था, लेकिन ED ने और जानकारी मांगी है। क्योंकि दस्तावेज अभी भी नाकाफी है। आपको बता दें कि, जीएसटी की 2 टीमों ने छापामारी करके बरामद की गई नकदी को लेकर ढाबा मालिक को 3 दिन का समय दिया था। वे अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। करीब एक सप्ताह की जांच के बाद ढाबा संचालक के तीन कर्मचारियों को भी पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। विभाग इस समय मामले को एक आर्थिक अपराध के रूप में देख रहा है।