बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF), कश्मीर फ्रंटियर के इंस्पेक्टर जनरल (IG), अशोक यादव (IPS) ने सोमवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तब तक जारी रहेगा जब तक पाकिस्तान की तरफ से “गलत हरकतें” होती रहेंगी। उन्होंने कहा कि फोर्स लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पार से किसी भी उकसावे से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर रही है।
हुमहामा में हुई BSF की सालाना प्रेस मीट 2024–2025 में बोलते हुए, IG यादव ने कहा कि LoC के पार बॉर्डर पार से घुसपैठ और आतंकी ढांचे का मुकाबला करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी भी चल रहा है। उन्होंने कहा, “हम दूसरी तरफ से किसी भी कोशिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
यादव ने बताया कि नए रास्ते सामने आने से घुसपैठ के तरीके थोड़े बदल गए हैं, लेकिन BSF और आर्मी के बीच करीबी तालमेल से कई कोशिशों को नाकाम करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा, “हमारा इंटेलिजेंस ग्रिड मजबूत है, और हर इनपुट पर तेजी से कार्रवाई की जाती है।”
IG BSF ने LoC के पार से बढ़ रही नार्को-टेरर एक्टिविटीज के बारे में भी चेतावनी दी, इसे “कश्मीरी युवाओं को टारगेट करने और टेरर को फंडिंग करने के मकसद से एक बड़ा अंदरूनी खतरा” बताया।
उन्होंने आगे बताया कि लगातार भारतीय हमलों के बाद कुछ लॉन्चिंग पैड पाकिस्तानी इलाके में और अंदर शिफ्ट कर दिए गए हैं, साथ ही कहा कि सर्विलांस और ऑपरेशनल तैयारी अभी भी बहुत ज़्यादा है।
वर्ष 2025 के दौरान ऑपरेशन सिंदूर को बी.एस.एफ की सबसे बड़ी कामयाबी करार देते हुए उन्होंने कहा, ‘सीमा सुरक्षा बल की इकाईयों ने सेना केसाथ मिलकर नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी चौकियों एवं आतंकी लांचिग पैड्स को तहस-नहस करने समेत उस पार से किए गए हर दुस्साहस की सटीक एवं पेशेवर तरीके से जवाब दिया।’
यादव ने कहा, ‘कश्मीर फ्रंटियर की सभी बी.एस.एफ. की आर्टिलरी रेजिमेंट समेत अन्य सभी इकाईयों ने दुश्मन की चौकियों व बंकरों पर भारी तथा सटीक शेलिंग और गोलीबारी की जिससे पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ तथा एल.ओ.सी. पर उनके आतंकी लॉन्चिंग पैड्स पूरी तरह से तबाह हो गए।’ आई.जी.ने बताया कि बी.एस.एफ. कश्मीर फ्रंटियर द्वारा नियंत्रण रेखा के निकटवर्ती अग्रिम क्षेत्रों, अधिक ऊंचाई वाले तथा एल.ओ.सी. की ओर जाने वाले सभी मार्गों के जांच नाकों पर चौबीसों घंटे महिला कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि आतंकी तंत्र के लिए काम करने वाली महिला कूरियर्स समेत आतंकवादी संगठनों के लिए कार्य करने वाले उनके सहायकों पर नकेल कसी जा सके।
उन्होंने कहा, ‘हमारी महिला सुरक्षाकर्मी सीमावर्ती गांवों की महिलाओं का भरोसा जीतकर स्थानीय लोकल महिलाओं के साथ समन्वय स्थापित कर राष्ट्र विरोधी तत्वों का मुकाबला करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।’