पाकिस्तान के थारपारकर जिले के छोटे से कस्बे दानो धंधल में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब स्थानीय निवासियों ने कोल्ही मोहल्ले में एक पेड़ से तीन हिन्दू युवकों के शव लटके हुए देखे। सीमापार सूत्रों के अनुसार, इन युवकों की पहचान धनजी, गौतम और जयराम के तौर पर हुई है। बताया जाता है कि इनकी उम्र 16 से 21 वर्ष के बीच है। तीनों कोल्ही समुदाय से हैं और इसी इलाके के निवासी थे।
थारपारकर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शोएब मेमन के अनुसार तीनों शवों पर हिंसा के कोई विशेष निशान नहीं पाए गए। पुलिस ने शवों को कब्ज़े में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए नगरपारकर तालुका अस्पताल भेज दिया है। एसएसपी मेमन के अनुसार पहली नज़र में यह सामूहिक आत्महत्या जैसा मामला प्रतीत होता है, लेकिन मौतों की असल वजह और मकसद का पता लगाने के लिए कई कोणों से जांच जारी है।
मृतकों के परिवारों ने पुलिस की थ्योरी को नकारते हुए आरोप लगाया कि यह सामूहिक हत्या का मामला है। परिजनों का कहना है कि गौतम और उसके परिवार को पिछले कुछ समय से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं, क्योंकि गौतम का कस्बे की एक मुस्लिम लड़की से प्रेम संबंधों को लेकर विवाद चल रहा था।
परिवार ने आरोप लगाया कि बीती रात किसी ने तीनों युवकों को घर से आवाज लगाकर बुलाया था, जिसके बाद वे घर वापस नहीं लौटे। और सुबह तीनों के शव पेड़ से लटके मिले। परिजनों का कहना है कि इसे किसी भी हालत में आत्महत्या का मामला नहीं कहा जा सकता। पुलिस सामूहिक हत्या को आत्महत्या बताने की कोशिश कर रही है।