Home बड़ी खबरेnews महिला की माैत पर गुस्साए लाेगाें ने हाईवे पर शव रखकर किया चक्का जाम, आरोपी को फांसी की उठाई मांग

महिला की माैत पर गुस्साए लाेगाें ने हाईवे पर शव रखकर किया चक्का जाम, आरोपी को फांसी की उठाई मांग

Angry over the woman's death, people blocked the highway by placing her body on the road, demanding the death penalty for the accused.

हमीरपुर जिला के सलासी क्षेत्र में नाबालिग लड़के द्वारा किए गए हमले में हुई महिला की माैत से गुस्साए स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों ने आरोपी को फांसी देने की मांग को लेकर रविवार को जमकर प्रदर्शन किया। सैंकड़ों की संख्या में एकत्रित लोगों ने सलासी के नजदीक झन्यारा में कांगड़ा-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर महिला का शव रख प्रदर्शन किया और चक्का जाम कर दिया। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन लगभग अढ़ाई घंटे तक चला, जिससे राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों लंबी कतारें लग गईं।

प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े थे कि आरोपी को या तो फांसी पर लटकाया जाए या फिर उसे जनता के हवाले किया जाए। लोगों के भारी आक्रोश को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। सूचना मिलते ही जिलाधीश हमीरपुर अमरजीत सिंह, एसपी भगत सिंह ठाकुर, सदर थाना प्रभारी कुलवंत सिंह और एसडीएम संजीत सिंह सहित भारी प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने लोगों को शांत करवाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन गुस्साए लोग किसी की भी सुनने को तैयार नहीं थे। वहीं सदर विधायक आशीष शर्मा माैके पहुंचे तथा मृतका के रिश्तेदाराें से बात की।

जब प्रदर्शनकारी किसी भी आश्वासन पर मानने को तैयार नहीं हुए तो मौके पर मौजूद जिलाधीश अमरजीत सिंह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को फोन पर पूरी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने तत्काल मामले में हस्तक्षेप करते हुए मृतका के एक रिश्तेदार से फोन पर बात की। उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि इस मामले में पूरी तरह से निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की जाएगी और दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री से मिले इस आश्वासन के बाद ही लोग शांत हुए और उन्होंने राजमार्ग खाली किया।

हालांकि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की अब तक की कार्यप्रणाली पर संतोष जताया, लेकिन उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से इलाके में तुरंत एक पुलिस चौकी खोलना, पुलिस गश्त बढ़ाना और स्कूलों-कॉलेजों में जागरूकता शिविर आयोजित करना शामिल है। जिलाधीश अमरजीत सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। उन्होंने इस पूरी घटना को बेहद दुखद और शर्मसार करने वाला बताया।

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