Home बड़ी खबरेnews टूटी चप्पल पहनना सिर्फ गलत नहीं अशुभ भी है, जानिए क्यों

टूटी चप्पल पहनना सिर्फ गलत नहीं अशुभ भी है, जानिए क्यों

Wearing broken slippers is not only wrong but also inauspicious, know why

चप्पल हमारे दैनिक जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा हैं। ये न केवल हमारे पैरों की रक्षा करते हैं बल्कि ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में इन्हें गति, प्रगति और संघर्ष का प्रतीक भी माना जाता है। यही कारण है कि टूटी या फटी हुई चप्पल पहनने को मात्र एक फैशन की गलती नहीं, बल्कि दुर्भाग्य को न्योता देने के समान माना जाता है। टूटी चप्पल पहनने को अशुभ मानने के पीछे ज्योतिष, वास्तु और मनोवैज्ञानिक तीनों कारण शामिल हैं:

 

शनि का नकारात्मक प्रभाव

भारतीय ज्योतिष में, जूते-चप्पल का संबंध सीधे शनि ग्रह से माना जाता है। शनि को कर्मफल दाता और न्याय का देवता कहा जाता है, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं।

 

दरिद्रता का निमंत्रण: शनि को उन स्थानों और वस्तुओं से विशेष लगाव होता है जो उपेक्षित, टूटी-फूटी या गंदी होती हैं। जब कोई व्यक्ति टूटी हुई चप्पल पहनता है, तो वह शनि की नकारात्मक ऊर्जा को अनजाने में आकर्षित करता है।

 

प्रगति में बाधा: जूते-चप्पल हमारे जीवन की यात्रा और गतिशीलता का प्रतीक हैं। उनका टूटा होना यह दर्शाता है कि व्यक्ति की प्रगति के मार्ग में रुकावटें आ रही हैं। ज्योतिष के अनुसार, यह आदत करियर में अस्थिरता, महत्वपूर्ण कार्यों के अटकने और कड़ी मेहनत के बावजूद उचित फल न मिलने का कारण बनती है।

 

शनि दोष में वृद्धि: अक्सर, जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़े साती या ढैया चल रही होती है, उन्हें ऐसे उपाय बताए जाते हैं जिनमें जूते-चप्पल का दान शामिल होता है। टूटी चप्पल पहनना शनि के अप्रिय व्यवहार को और मजबूत करता है।

 

वास्तु शास्त्र का दृष्टिकोण

वास्तु शास्त्र मानता है कि हर वस्तु में ऊर्जा होती है और टूटी हुई चीजें घर में नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं।

 

दरिद्रता की देवी अलक्ष्मी: वास्तु के अनुसार, घर में टूटी-फूटी वस्तुएं, विशेषकर जूते-चप्पल, दरिद्रता की देवी अलक्ष्मी को आमंत्रित करती हैं, जो धन की देवी मां लक्ष्मी की विरोधी हैं। टूटी चप्पल धन के आगमन को बाधित करती है और अनावश्यक खर्चों में वृद्धि करती है।

 

वास्तु दोष: टूटी चप्पल या टूटे हुए जूते-चप्पल को घर के भीतर रखना या पहनना वास्तु दोष उत्पन्न करता है। यह स्थिति घर में अशांति, मानसिक तनाव और कलह का कारण बन सकती है।

 

बाहरी गंदगी: चप्पलें बाहर की गंदगी, धूल और नकारात्मकता को घर तक लाती हैं। यदि वे टूटी हुई हों, तो यह प्रतीक है कि आप उन बाहरी बाधाओं और नकारात्मकताओं को बिना किसी रुकावट के अपने जीवन और घर में प्रवेश दे रहे हैं।

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