Home बड़ी खबरेnews हिमाचल में छिड़ी सियासी ”महाभारत”, CM सुक्खू का BJP पर तीखा पलटवार, बाेले-“ये कलियुग के पांडव हैं

हिमाचल में छिड़ी सियासी ”महाभारत”, CM सुक्खू का BJP पर तीखा पलटवार, बाेले-“ये कलियुग के पांडव हैं

A political "Mahabharata" erupts in Himachal Pradesh, with Chief Minister Sukhu sharply criticizing the BJP, saying, "These are the Pandavas of Kaliyuga."

हिमाचल प्रदेश की सियासत में पौराणिक पात्रों को लेकर एक नया घमासान छिड़ गया है। भाजपा नेताओं द्वारा अपनी पार्टी के पांच नेताओं को ‘पांच पांडव’ और कांग्रेस को ‘कौरव’ बताए जाने पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने तीखा पलटवार किया है। सीएम सुक्खू ने भाजपा नेताओं को ‘कलियुग के पांडव’ की संज्ञा देते हुए नसीहत दी कि वे राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय प्रदेश के हितों के लिए केंद्र सरकार से लड़ाई लड़ें। यह पूरा विवाद शुक्रवार को तब शुरू हुआ जब शिमला में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने भाजपा में पांच गुट होने पर सवाल किया। इस पर भाजपा की ओर से जवाब आया कि पार्टी के पांच बड़े नेता ‘पांच पांडव’ हैं जो कांग्रेस से लड़ाई लड़ रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री सुक्खू का करारा जवाब

शनिवार को इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की पौराणिक तुलना करना सही नहीं है। हिमाचल की राजनीति महाभारत की लड़ाई नहीं, बल्कि जनसेवा और विकास की प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर भाजपा के नेता खुद को पांडव मानते हैं, तो वे कलियुग के पांडव हैं। उन्हें यह समझना चाहिए कि उनका धर्म प्रदेश की जनता और उनके हितों की रक्षा करना है।

 

‘सच्चे पांडव’ बनकर हिमाचल के हकाें की लड़ाई लड़ें भाजपा नेता

मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं को प्रदेश के गंभीर मुद्दों पर केंद्र से समर्थन हासिल करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि ‘सच्चे पांडव’ वे होते हैं जो अपने राज्य की जनता के लिए लड़ते हैं। सीएम सुक्खू ने कहा कि मैं भाजपा के इन ‘पांडवों’ से अपील करता हूं कि वे केंद्र सरकार में अपनी मजबूत पहुंच का इस्तेमाल करें और हिमाचल के लिए विशेष वित्तीय सहायता, लंबित आपदा राहत पैकेज और विकास परियोजनाओं को मंजूरी दिलवाकर सच्ची लड़ाई लड़ें। उन्होंने स्पष्ट किया कि असली लड़ाई कांग्रेस से नहीं, बल्कि प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की होनी चाहिए। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं और आगामी चुनावों को देखते हुए दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

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