महानगर में असले के चाहवान किसी भी हद तक जा सकते हैं। असला रखने के शौकीन जाली डोप टेस्ट रिपोर्ट सबमिट कर किसी की भी जान को जोखिम में डाल सकते हैं। हालांकि कमिश्नरेट पुलिस इस तरफ पूरी जागरूकता से कार्य कर रही है महीने में औसतन 10-12 केस जाली डोप टेस्ट रिपोर्ट सबमिट करवाने के आरोप में दर्ज किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में थाना डिवीजन नंबर 5 की पुलिस ने प्रिंस सिंह व हरपिन्द्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच अधिकारी मेवा सिंह ने बताया कि आरोपी प्रिंस व हरपिन्द्र द्वारा आर्म्स लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किया गया।
आर्म्स लाइसेंस पाने के लिए आवेदक की मानसिक ओर शारीरिक फिटनेस की जांच के लिए टेस्ट करवाया जाता है जिसके अंतर्गत डोप टेस्ट आता है जो यह सुनिश्चित करता है कि आवेदक किसी प्रकार का नशा न करता हो, परंतु पुलिस कमिश्नर ऑफिस से वैरीफिकेशन करवाने पर पता चला कि आरोपियों ने जाली डोप टेस्ट रिपोर्ट सबमिट करवाई है जिसके बाद कमिश्नर के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।