Home बड़ी खबरेnews पंजाब के इस जिले में 9, 10, 11 और 14 तारीख को शराब के ठेके बंद रखने के आदेश, जानें वजह

पंजाब के इस जिले में 9, 10, 11 और 14 तारीख को शराब के ठेके बंद रखने के आदेश, जानें वजह

Liquor shops in this Punjab district have been ordered to remain closed on the 9th, 10th, 11th and 14th. Here's why.

विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा पूरे विधानसभा क्षेत्र में जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, वहीं चुनाव आयोग द्वारा सख्त निर्देश दिए गए हैं कि मतदाताओं को लुभाने के लिए किसी भी तरह का लालच न दिया जाए। इसके चलते विभिन्न सेवा निगरानी दल नशीले पदार्थों, शराब और नकदी की आपूर्ति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। गौरतलब है कि 11 नवंबर को होने वाले चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने तरनतारन विधानसभा क्षेत्र सहित 9 से 11 नवंबर तक तीन किलोमीटर के दायरे में सभी शराब के ठेके बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।

 

तीन दिन बंद रहेंगे शराब के ठेके

जिला चुनाव अधिकारी राहुल ने बताया कि आबकारी आयुक्त पंजाब द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, तरनतारन विधानसभा क्षेत्र और उसके आसपास के तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी शराब के ठेके 9 नवंबर शाम 6 बजे से 11 नवंबर शाम 6 बजे तक बंद रहेंगे। इसके साथ ही 14 नवंबर को होने वाली मतगणना को भी ड्राय डे घोषित किया गया है।

 

जानकारी के अनुसार तरनतारन विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सख्त आदेश जारी किए गए हैं। 11 नवंबर मतदान की तारीख नजदीक आते ही, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपना चुनाव प्रचार जोरों पर शुरू कर दिया है, वहीं चुनाव पर्यवेक्षकों द्वारा खर्च और राजनीतिक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए विशेष टीमों की संख्या बढ़ा दी गई है।

 

चुनावों के दौरान नेताओं द्वारा अपने मतदाताओं को तरह-तरह के प्रलोभन दिए जाना आम बात है। इस बीच, जहां मतदाताओं को खुश करने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन दिए जा रहे हैं, वहीं शराब प्रेमियों के घरों तक शराब की सप्लाई भी पहुंचाई जाती रही है। इन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखते हुए, चुनाव पर्यवेक्षक ने आबकारी विभाग को सख्त आदेश जारी किए हैं कि निर्वाचन क्षेत्र में ठेकों से और आम जनता द्वारा खरीदी गई शराब की बिक्री निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जाए। चुनाव पर्यवेक्षकों ने आबकारी विभाग को यह भी आदेश जारी किए हैं कि भारी मात्रा में शराब की आपूर्ति न होने दी जाए और यदि ऐसा होता पाया जाए, तो उसके विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

 

इस बीच जहां आबकारी विभाग अपने स्तर पर शराब की बिक्री पर कड़ी नजर रख रहा है, वहीं विभिन्न निगरानी दल भी कैमरों की मदद से निर्वाचन क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही, घरों में देसी शराब पहुंचाने और उसे मतदाताओं तक पहुंचाने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं। अवैध रूप से शराब की बिक्री और आपूर्ति की शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी और चुनाव पर्यवेक्षक द्वारा बनाए गए नियंत्रण कक्ष में की जा सकती है और सी-विजिल ऐप पर भी की जा सकती है, जहां शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

 

उपचुनाव के मद्देनजर विधानसभा क्षेत्र में शराब को लेकर रोजाना छापेमारी की जा रही है, जिसके चलते पिछले दिनों कई लीटर अवैध शराब और लाहन बरामद किया गया है। इसके अलावा, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं चुनाव पर्यवेक्षक द्वारा जारी आदेशों के तहत, प्रशासन किसी भी प्रकार की नशे से संबंधित आपूर्ति और नकदी को लेकर पूरी तरह से सतर्क है, जिसके द्वारा अन्य जिलों से आने वाले वाहनों की भी रोजाना गहन जांच की जा रही है।

 

इसके अलावा, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं चुनाव पर्यवेक्षक ने शराब ठेकेदारों को सख्त निर्देश जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगर उनके स्टॉक में किसी भी प्रकार की हेराफेरी पाई गई तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में कोई देरी नहीं की जाएगी। इस संबंध में आबकारी विभाग के ईटीओ द्वारा लाइसेंस के आधार पर शराब ठेकेदारों द्वारा मंगवाई गई शराब के रिकॉर्ड की रोजाना जांच करने के भी आदेश जारी किए गए हैं।

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