लुधियाना के चीमा चौक स्थित इंदिरा कॉलोनी में दो दिन पहले हुए भयावह बारूद ब्लास्ट मामले में अब एक चश्मदीद गवाह सामने आया है। गवाह के मुताबिक, घटना से पहले घर के अंदर हल्का धमाका हुआ, जिसके बाद लोगों की चीखें सुनाई दीं। जब मोहल्ले के लोग दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे, तो आरोपी उस्मान खान की सास और बेटा आग की लपटों में घिरे हुए थे।
लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, तभी दूसरा जोरदार धमाका हो गया। इस धमाके की चपेट में बचाने गए कई लोग बुरी तरह झुलस गए, जबकि बाहर खड़े बच्चे और राहगीर भी घायल हो गए। चश्मदीदों के मुताबिक, पहला धमाका दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ था।
स्थानीय निवासी विशाल ने बताया, “पहला ब्लास्ट हुआ तो लोग अंदर भागे। कुछ ही मिनटों बाद दूसरा धमाका इतना जोरदार था कि घर की दीवारें हिल गईं और बाहर खड़े लोग भी उसकी चपेट में आ गए।”
घटना के बाद से आरोपी उस्मान खान और उसका परिवार लापता है। बताया जा रहा है कि उसकी पत्नी और दो बेटियां उस समय घर की ऊपरी मंजिल पर थीं, जिसके कारण वे बच गईं। फिलहाल, ग्राउंड फ्लोर खुला पड़ा है जबकि पहली मंजिल पर पुलिस ने ताला लगाकर जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, उस्मान पिछले 15–20 साल से पटाखे और रावण बनाने के लिए बारूद का काम कर रहा था। मोहल्ले के निवासियों ने कई बार उसे यह खतरनाक काम बंद करने की चेतावनी दी थी, मगर वह नहीं माना। शिकायत करने पर वह लोगों को धमकाता था, जिससे कोई भी उसके खिलाफ खुलकर नहीं बोलता था।
फिलहाल, थाना डिवीजन नंबर दो की पुलिस टीम उस्मान की तलाश में जुटी हुई है। एसएचओ इंस्पेक्टर गुरजीत सिंह ने बताया कि आरोपी के मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसे ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उसने फोन स्विच ऑफ कर दिया है। पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।